Corneal Ulcer

 

कॉर्नियल अल्सर (Corneal Ulcer): कारण, लक्षण और इलाज

1. कॉर्नियल अल्सर क्या है?

कॉर्नियल अल्सर आँख की काली पारदर्शी सतह (कॉर्निया) पर होने वाला ज़ख्म या संक्रमण है। यह स्थिति दर्दनाक होती है और जल्दी इलाज न करने पर आँख की रोशनी स्थायी रूप से कम हो सकती है।


2. इसके कारण क्या हैं?

  • इन्फेक्शन (संक्रमण):
    • बैक्टीरिया (जैसे चोट या कांटैक्ट लेंस के गलत उपयोग से)
    • फंगस (अक्सर पेड़-पौधे की चोट के बाद)
    • वायरस (जैसे हरपीज़ वायरस)
  • चोट लगना (धूल, मिट्टी, पेड़ की टहनी, नाखून आदि से)
  • कॉन्टैक्ट लेंस का ग़लत उपयोग (लंबे समय तक पहनना, बिना सफाई के लगाना)
  • सूखी आँख (Dry Eye) या आँख बंद न होना
  • विटामिन A की कमी (खासकर बच्चों में)

3. लक्षण (Symptoms)

  • तेज़ दर्द और आँख में चुभन
  • आँख लाल होना
  • लगातार पानी आना या पस निकलना
  • धुंधला या कम दिखाई देना
  • तेज़ रोशनी में देखने में तकलीफ़
  • पलकों को खोलने में कठिनाई

👉 ध्यान दें: कभी-कभी कॉर्नियल अल्सर बाहर से सफेद धब्बे जैसा दिखता है।


4. खतरे और जटिलताएँ

  • इलाज में देरी से कॉर्निया पर स्थायी दाग (opacity) बन सकता है
  • दृष्टि स्थायी रूप से धुंधली हो सकती है
  • गंभीर मामलों में आँख फूटना (perforation) और अंधापन हो सकता है

5. इलाज कैसे होता है?

  • तुरंत नेत्र विशेषज्ञ को दिखाएँ — देरी न करें
  • एंटीबायोटिक/एंटिफंगल/एंटीवायरल ड्रॉप्स संक्रमण के अनुसार दी जाती हैं
  • दर्द और सूजन कम करने के लिए दवाइयाँ
  • गंभीर मामलों में कॉर्नियल ट्रांसप्लांट (प्रतिरोपण) की ज़रूरत पड़ सकती है

❌ घरेलू नुस्ख़े (जैसे गुलाबजल, शहद, दूध, हर्बल दवाइयाँ) का प्रयोग कभी न करें — यह स्थिति और बिगाड़ सकते हैं।


6. रोकथाम

  • आँख में चोट लगने पर तुरंत पानी से धोकर डॉक्टर को दिखाएँ
  • कॉन्टैक्ट लेंस साफ़ रखें और सोते समय न पहनें
  • धूल-मिट्टी या पौधों के काम में सुरक्षा चश्मा पहनें
  • शुगर और अन्य रोगों को नियंत्रित रखें
  • बच्चों में विटामिन A युक्त आहार (गाजर, हरी सब्ज़ियाँ, दूध) दें

निष्कर्ष

कॉर्नियल अल्सर आँख की गंभीर बीमारी है जो देरी से इलाज करने पर स्थायी दृष्टि हानि का कारण बन सकती है। समय पर नेत्र विशेषज्ञ से जाँच और सही दवा ही आपकी दृष्टि को बचा सकती है।


📍 महावीर नेत्रालय – वेस्ट डोनार चौक, दरभंगा, बिहार
📞 7765063063
📧 contact@mahavirnetralay.org
🌐 mahavirnetralay.org