Cataract

मोतियाबिंद क्या है?

आँख के पारदर्शी लेंस में धुँधलापन या सफेदी आना सफेद मोतिया कहलाता है 

आयु बढ़ने के साथ मोतियाबिंद होना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है

डायबिटीज (शुगर की बीमारी), स्टेरॉयड के लंबे इस्तेमाल, धूम्रपान, व आँख की चोट से मोतियाबिंद जल्दी हो सकता है 

कुछ बच्चों में जन्म से मोतियाबिंद होता है

क्या मुझे मोतियाबिंद है?

यदि आपके आँखों की रौशनी धीरे धीरे कम हो रही है, चश्मे से नज़र में सुधार नहीं हो रहा है, चश्मे का नंबर तेज़ी से बदल रहा है, तेज़ रौशनी या घूप में चकाचौंध महसूस होता है, रात को कम दिखता है, दोहरा दिखता है या छाया नज़र आती है तो आपको मोतियाबिंद है

क्या दवा या चश्में से मोतियाबिंद का इलाज़ संभव है? नहीं, मोतियाबिंद का एकमात्र इलाज़ ऑपरेशन है

क्या मोतियाबिंद का ऑपरेशन अभी कराना जरूरी है?

हम सभी अच्छा देखना चाहते हैं और सुरक्षित ऑपरेशन चाहते हैं। यह समझना बहुत जरूरी है कि मोतियाबिंद जितना कच्चा होगा, ऑपरेशन उतना ही अच्छा होगा, मोतियाबिंद पकने से जोखिम बढ़ता है। ऑपरेशन में देरी करने से नुकसान ही है, फायदा कुछ भी नहीं है। इंतज़ार क्यों करें, जब आप सुन्दर स्पष्ट नई दुनिया और मन की शांति तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। 

अभी गर्मी है, क्या जाड़े तक रुक सकते है?

किसी भी मौसम में ऑपरेशन करवा सकते हैं। मोतियाबिंद पकाने की गलती कभी ना करें।

क्या ऑपरेशन में दर्द होगा/ सुई लगेगा?

महावीर नेत्रालय में बिना सुई, बिना दर्द का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जाता है। ड्रॉप डालकर आँखों को सुन्न कर दिया जाता है, ऑपरेशन का पता भी नहीं चलता है। हमें पूरा विश्वास है कि ऑपरेशन के बाद आप अपने सगे-संबंधियों से हमारी प्रशंसा करते नहीं थकेंगे।

ऑपरेशन में कितना समय लगता है?

महावीर नेत्रालय में एम्स नई दिल्ली के विख्यात नेत्र सर्जन द्वारा बिना दर्द, बिना सूई, बिना टांँका, अत्याधुनिक मशीन द्वारा मात्र दस मिनट में सुरक्षित ऑपरेशन किया जाता है।

कितना समय भर्ती रहना पड़ेगा? 

भर्ती रहने की ज़रूरत नहीं है, ऑपरेशन पूरा होते ही घर जा सकते हैं।

कौन सा लेंस हमारे आँखों के लिए अच्छा रहेगा? 

यदि आपकी आँखों मे 1 से ज्यादा सिलिंडर पॉवर है तो टोरिक लेंस सही रहता है जो सिलिंडर पॉवर को कम करता है। यदि सिलिंडर पॉवर 1 से कम है तो आप अभी तक का सबसे एडवांस्ड ट्राईफोकल लेंस लगवा सकते हैं जिसमें दूर मध्य और पास तीनों ही नजर अच्छी होती है। लेंस जीवन में एक बार ही लगता है, इसलिए सबसे अच्छा लेंस ही लगवाऐं। अच्छे लेंस में चीरा छोटा लगता है जिससे संक्रमण की संभावना कम होती है, झिल्ली कम बनती है, जिंदगी भर लेंस में धुंधलापन नहीं आता है और दृष्टि की गुणवत्ता शानदार होती है।

शुगर / बीपी / साँस / दिल की बीमारी है तो मोतियाबिन्द का ऑपरेशन करवा सकते हैं? 

शुगर में HbA1c 7 से कम एवं ब्लड प्रेशर 140/90 से कम होने पर ही ऑपरेशन करवाएं।

साँस और दिल के मरीज़ डॉक्टर से मिल कर लिखवा लें की वो ऑपरेशन के लिए दुरुस्त हैं।

ऑपरेशन में क्या रिस्क है? 

किसी भी ऑपरेशन में इन्फेक्शन का रिस्क होता है, समय से पता चल जाने पर इसको दवाइयों अथवा ऑपरेशन से ठीक किया जा सकता है। आँखों में अधिक लाली, रोशनी से चुभन, दर्द या नजर में अचानक कमी आने पर अपने नेत्र चिकित्सक से शीघ्र संपर्क करें।

क्या कम से कम जितना दिख रहा है, उतना दिखेगा? 

कहीं भी कोई भी ऑपरेशन गारंटी के साथ नहीं किया जाता है। हमारा वायदा है कि आपकी आँखों के लिए सर्वोत्तम संभव परिणाम सुनिश्चित करने के लिए हम अपना पूरा प्रयास करेंगे। हमें यह बताते हुए भी गर्व हो रहा है कि हमारे यहाँ आजतक जिन लोगों का भी ऑपरेशन हुआ है, उन सभी को अच्छा दिखता है। हमें पूरा विश्वास है कि आपको भी अच्छा दिखेगा।

क्या दोनों आँखों का ऑपरेशन एक साथ करवा सकते हैं? 

एक साथ भी करवा सकते हैं, लेकिन एक साथ इन्फेक्शन से बचने के लिए तीन दिन के अंतराल पे करवाना ही ठीक रहता है।

ऑपरेशन के बाद क्या सावधानी बरतनी है?

ऑपरेशन वाली आँख को एक हफ्ते तक धूल-पानी से बचाएँ, घर से बहार काले चश्मे का प्रयोग करें

खाने मे क्या परहेज है? 

कोई परहेज नहीं है, सबकुछ खा सकते हैं, खट्टा भी। मधुमेह के मरीज अपना परहेज जारी रखें।

कब से नहा सकते हैं? 

अगले दिन से गले के नीचे से नहा सकते हैं। एक हफ्ते बाद सिर से नहा सकते हैं। 

कितने दिन के बाद काम पर जा सकते हैं? 

अगले दिन से आप अपना सामान्य कामकाज आरंभ कर सकते हैं।

क्या ऑपरेशन के बाद चश्मे की ज़रूरत पड़ेगी? 

हाँ, हल्के चश्मे की ज़रूरत पड़ सकती है। 1 महीने बाद नया नंबर लें। पुराना चश्मा नहीं चलेगा

दूसरे हॉस्पिटल में सस्ते में ऑपरेशन होता है, यहांँ महँगा क्यों है?

हमारे यहाँ ऑपरेशन में केवल सबसे उत्तम गुणवत्ता वाले सामान और लेंस का प्रयोग किया जाता है, जो हम अपने परिवार के लोगों में लगा सकें, और आजीवन कोई दिक्कत ना आए।