Diabetic Retinopathy

 

डायबिटिक रेटिनोपैथी: शुगर के मरीजों में आँखों की गंभीर समस्या

1. डायबिटिक रेटिनोपैथी क्या है?

डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) मधुमेह (शुगर) के कारण होने वाली आँखों की बीमारी है। इसमें आँख की रेटिना (camera की फिल्म जैसी परत) की छोटी-छोटी रक्त नलिकाएँ (blood vessels) प्रभावित हो जाती हैं। लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर रहने से ये नलिकाएँ कमजोर होकर लीक करने लगती हैं, जिससे दृष्टि धुंधली हो सकती है और समय पर इलाज न करने पर अंधापन तक हो सकता है।


2. यह बीमारी किसे होने का ज़्यादा खतरा है?

  • लंबे समय से शुगर के मरीज
  • जिनकी शुगर नियंत्रण में नहीं है
  • ब्लड प्रेशर या कोलेस्ट्रॉल भी साथ में बढ़ा हो
  • धूम्रपान या अस्वस्थ जीवनशैली अपनाने वाले मरीज
  • गर्भावस्था में शुगर वाली महिलाएँ

3. शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

डायबिटिक रेटिनोपैथी अक्सर शुरुआत में कोई लक्षण नहीं देती, इसलिए इसे “silent disease” भी कहते हैं। जब लक्षण दिखते हैं तो इनमें शामिल हो सकते हैं:

  • धुंधला या बदलता हुआ दिखना
  • आँखों के सामने धब्बे या तैरते हुए काले धब्बे (floaters)
  • रात में देखने में दिक़्क़त
  • रंग पहचानने में कठिनाई
  • अचानक दृष्टि कम होना (आपात स्थिति)

4. जांच और निदान कैसे होता है?

महावीर नेत्रालय में डायबिटिक रेटिनोपैथी की पहचान के लिए ये आधुनिक जांचें की जाती हैं:

  • फंडस एग्ज़ामिनेशन – रेटिना को सीधे देखना
  • OCT (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) – रेटिना की सूजन और मोटाई का स्कैन
  • फंडस फोटोग्राफी – रेटिना की तस्वीर लेकर तुलना करना
  • फ्लोरेसिन एंजियोग्राफी – रेटिना की रक्त नलिकाओं में ब्लॉकेज और लीकेज का पता लगाना

5. इलाज कैसे होता है?

इलाज का तरीका बीमारी के चरण पर निर्भर करता है:

  • शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना – सबसे पहला और ज़रूरी कदम
  • लेज़र ट्रीटमेंट – कमजोर या लीक करने वाली नसों को सील करना
  • इंट्राविट्रियल इंजेक्शन – दवाइयाँ सीधे आँख में डालकर सूजन कम करना
  • रेटिना सर्जरी (विट्रेक्टॉमी) – खून जमने या रेटिना डिटैचमेंट होने पर

6. रोकथाम कैसे करें?

  • ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखें
  • साल में कम से कम एक बार रेटिना जांच कराएँ (भले ही दृष्टि बिल्कुल सामान्य हो)
  • धूम्रपान और नशे से बचें
  • नियमित व्यायाम और संतुलित आहार लें

7. क्या इलाज के बाद यह दोबारा हो सकता है?

हाँ, अगर शुगर अनियंत्रित रही तो डायबिटिक रेटिनोपैथी दोबारा हो सकती है। इसलिए नियमित फॉलो-अप और जीवनशैली में सुधार बहुत ज़रूरी है।


8. क्या यह पूरी तरह ठीक हो सकता है?

अगर बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ ली जाए तो इलाज से दृष्टि बचाई जा सकती है। लेकिन अगर देर हो जाए और रेटिना को ज़्यादा नुकसान पहुँच जाए, तो पूरी दृष्टि वापस लाना संभव नहीं होता। इसलिए समय पर जांच और इलाज ही सबसे बड़ा हथियार है।


निष्कर्ष

डायबिटिक रेटिनोपैथी मधुमेह के मरीजों में एक गंभीर और आम समस्या है। लेकिन यह पूरी तरह से रोकी जा सकती है, बशर्ते कि शुगर नियंत्रित रहे और नियमित नेत्र परीक्षण कराए जाएँ।


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